Wednesday, August 3, 2016

शंख का स्वास्थ्य,धर्म एवं ज्योतिष में उपयोग


स्वास्थ्य में महत्व :
  • शंख में १००% कैल्शियम है इसमें रात को पानी भर के पीने से कैल्शियम की पूर्ति होती है
  • शंख में पानी रख कर पीने से मनोरोगी को लाभ होता है उत्तेजना काम होती है।
  • शंख बजाने से योग की तीन किरयाए एक साथ होती है - कुम्भक, रेचक, प्राणायाम
  • शंख बजाने से हृदयाघात, रक्तचाप की अनियमितता, दमा, मंदाग्नि में लाभ होता है।
  • शंख बजाने से फेफड़े पुष्ट होते है।
  • शंख की ध्वनि से दिमाग व् स्नायु तंत्र सक्रिय रहता है।
धार्मिक महत्व :
  • दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी स्वरुप कहा जाता है इसके बिना लक्ष्मी जी की आराधना पूरी नहीं मानी जाती। सुख- सौभाग्ये की वृद्धि के लिए इसे अपने घर में स्थापित करे।
  • शंख में दूध भर कर रुद्राभिषेक करने से समस्त पापो का नाश होता है।
  • घर में शंख बजाने से नकारात्मक ऊर्जा का व् अतृप्त आत्माओ का वास नहीं होता है।
  • दक्षिणावर्ती शंख से पितरो का तर्पण करने से पितरो की शांति होती है ।
  • शंख से स्फटिक के श्री यन्त्र अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है ।

ज्योतिष्ये महत्व :
  • सोमवार को शंख में दूध भर कर शिव जी को चढाने से चन्द्रमा ठीक होता है।
  • मंगलवार को शंख बजा कर सुन्दर काण्ड पढ़ने से मंगल का कु-प्रभाव काम होता है।
  • शंख में चावल भर के रखे और लाल कपडे में लपेट कर तिजोरी में रखये माँ अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है।
  • बुधवार को शालिग्राम जी का शंख में जल व् तुलसा जी दाल कर अभिषेक करने से बुध ग्रह ठीक होता है।
  • शंख को केसर से तिलक कर पूजा करने से भगवन विष्णु व् गुरु की प्रसन्ता मिलती है।
  • शंख सफ़ेद कपड़े में रखने से शुक्र ग्रह बलि होता है।
  • शंख में जल ड़ाल कर सूर्ये देव को अर्घ्य देने से सूर्य देव प्रस्सन होते है।

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